इस ख्वाब को अब आखो से जुदा ना कर !
कुछ देर ही सही, तेरे प्यार का भरम रहने दे
इन बेबस लहरों को साहिल से जुदा ना कर !
सलीब ही सही, ये सजा भी मंजूर है मुझे
मगर अभी, लहू को रगों से जुदा ना कर !
डरता हूँ खो जाऊंगा, दुनिया की इस भीड़ मैं
इस बेरुखी से, खुद को मुझसे जुदा ना कर !
हाताल की आधियाँ उखाड़ फेंकंती "नेगी" को
तू आज तितलियों को तिनको से जुदा ना कर !
- नेगी

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