मुझें इंतजार न था उन पलों
मुझें इंतजार न था उन पलों का
जो आ गये मेरी जिन्दगी में तूफान बनकर,
उठा ले गये मेरी हर खुशी को पल दो पल मैं,
मै घिर सा गया जिन्दगी की तन्हाईयों मैं!!
मुझें इंतजार न था उन पलों का ...........................
दर व दर भटकता हँू अब मैं
उनकी यादों को दिल मैं समेटे हुए
जो दूर बहुत है मेरी परछाईयों से
मिलने को अब मन करता है उनको
न मिल सकता मैं अब पल दो पल मैं,
मुझें इंतजार न था उन पलों का .............................
मुझें डर है अपनों की शिकायत का
मुझें कहते है मै दीवाना बन गया
वह कहती है कि मुझें मिलो न अब इतना तुम
मै डर सा गया उनकी नाराजगी से
न मिल सकता अब मै पल-पल उनको
मुझें इंतजार न था उन पलों का .................................
सजा ए मौत हर जुल्म की सजा नही होती।
कास कि प्यार में मौत ए जिन्दगी की सजा होती।।

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