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Thursday, February 10, 2011

Mujhe Intjar Na Tha Un Palo Ka


मुझें इंतजार न था उन पलों


मुझें इंतजार न था उन पलों का 
जो आ गये मेरी जिन्दगी में तूफान बनकर,
उठा ले गये मेरी हर खुशी को पल दो पल मैं,
मै घिर सा गया जिन्दगी की तन्हाईयों मैं!!

मुझें इंतजार न था उन पलों का ...........................

दर व दर भटकता हँू अब मैं
उनकी यादों को दिल मैं समेटे हुए 
जो दूर बहुत है मेरी परछाईयों से
मिलने को अब मन करता है उनको 
न मिल सकता मैं अब पल दो पल मैं,

मुझें इंतजार न था उन पलों का .............................

मुझें डर है अपनों की शिकायत का
मुझें कहते है मै दीवाना बन गया 
वह कहती है कि मुझें मिलो न अब इतना तुम
मै डर सा गया उनकी नाराजगी से 
न मिल सकता अब मै पल-पल उनको 

मुझें इंतजार न था उन पलों का .................................




सजा ए मौत हर जुल्म की सजा नही होती। 
कास कि प्यार में मौत ए जिन्दगी की सजा होती।। 

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